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Tuesday, November 13, 2007

बादल


बनते- बिगड़ते बादल
नई कल्पनाओं को उपजाते बादल
संदेश देते हैं -
" परिवर्तन ही जीवन है,
बदलाव ही प्रकृति है
ठहराव-स्थायित्व तो बाधा है
मृत्यु है, जड़ता है। "

अभी जो काले बादल छाए हैं
बस समय के 'जाये' हैं

यादों में...

यादों में... (Written BY my MOTHER in loving memory of my FATHER) "कभी सोचा न था, दिन ऐसे भी आएँगे.. जो समझती थी खुद को रानी, वो यूँ ...